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Mix Hindi WhatsApp Status And Messages 2015
तू रूठा रूठा सा लगता है कोई तरकीब बता मनाने की
मैं ज़िन्दगी गिरवी रख दूंगा तू क़ीमत बता मुस्कुराने की…
तेरी मौजूदगी की अब नहीं चाहत मुझे
मेरी यादों के पन्नों में बेहिसाब है तू...
यूँ तो.......
हैं परेशानियां ज़िन्दगी में बहोत सी पर...
तेरी मुहब्बत सा कोई तंग नहीं करता....
अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो,
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो,
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना !!
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो!!
"ख्वाहिश" ये बेशक नही
कि
"तारीफ" हर कोई करे...!
मगर
"कोशिश" ये जरूर है
कि
"कोई बुरा ना कहे"..!!
मैं आने वाले कल से नहीं डरता,
क्योंकि मैंने
बीता हुआ कल देखा हैं।...💕
मुझको क्या हक , मैं किसी को मतलबी कहूँ ।
मै खुद ही ख़ुदा को मुसीबत में याद करता हूं..
उनकी फ़ितरत है वो दर्द देने की रस्म अदा कर रहे हैं
हम उसूलों के पक्के दर्द सहकर भी वफ़ा कर रहे हैं..
मैं उठना चाहता हूं, दौड़ना चाहता हूं, गिरना भी चाहता हूं....बस रुकना नहीं चाहता.u
|| सुप्रभात ||
देखते हैं अब क्या मुकाम आता है साहेब,
सूखे पत्ते को इश्क़ हुआ है बहती हवा से....
मुस्कुराने से शुरू और रुलाने पे खतम...।
ये वो जुल्म हैं जिसे लोग मोहब्बत कहते हैं...!!
"लाखों की दौलत...हमें हौंसला नही दे सकती..!
जबकि..हौंसले से हम लाखों की दौलत कमा सकत..!!
कुछ इस तरह ' फ़कीर ' ने ज़िन्दगी की मिसाल दी,
मुट्ठी में धूल ली और हवा में उछाल दी !
काश कोई आईना ऐसा भी होता जो पीठ दिखा पाता ,
आखिर किसके कितने खंजर लगे ये तो जान पाता .
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है...
किसी की गलतियों को बेनक़ाब ना कर,
'ईश्वर' बैठा है, तू हिसाब ना कर...
कई जीत बाकी हैं, कई हार बाकी हैं..
अभी तो जिंदगी का सार बाकी है..
यहा से चले हैं नयी मज़िल के लिए, ये एक पन्ना था अभी तो किताब बाकी है.!
जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान,
मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।
जरूरी नही है,,,,,, नींद के लिए मखमल का बिछौना.......!!
दिल मे सूकून का होना भी जरूरी है.......!!
🏻शुभरात्री
अजब पहेलियाँ हैं मेरे हाथों की इन लकीरों में,
सफर तो लिखा है मगर मंज़िलों का निशान नहीं ।
कितना भी लिखो इसके लिये कम है...
सच है ये कि " माँ " आप हे, तो हम है...
निष्फलता के बाद हौसला रखना आसान है परन्तु सफलता के बाद नम्रता रखना उतना ही कठिन है।
ज्ञान तीन तरह से प्राप्त किया जा सकता है...
पहला मनन से जो सर्वश्रेष्ठ है
दूसरा अनुसरण से जो सबसे आसान है
तीसरा अनुभव से जो कि कड़वा है।
"लोग चाहते हैं कि आप बेहतर करें,
लेकिन ये भी सत्य है कि
वो कभी नहीं चाहते
कि आप उनसे बेहतर करें !!!"
तू अपने ग़रीब होने का दावा न कर, ऐ दोस्त,
हमने देखा है तुझे बाज़ार में "तुवेर दाल" खरीदते हुए.....!!!
धन, शक्ति और दक्षता केवल जीवन के साधन हैं खुद जीवन नहीं ।
जिस के होने से मैं खुद को मुक्कमल मानता हूँ
मेरे रब के बाद मैं बस मेरी माँ को जानता हूँ..
देने को दान,
लेने को ज्ञान,
और त्यागने को अभिमान श्रेष्ठ है.'
मैंने महसूस किया है,
उस जलते हुए रावण का दुःख ।
जो सामने खड़ी भीड़ से
बारबार पूछ रहा था.....
"तुम में से कोई राम है क्या?"
ज़िंदगी उसी को आज़माती है,
जो हर मोड़ पर चलना जानता है....!!
कुछ पाकर तो हर कोई मुस्कुराता है,
ज़िंदगी शायद उनकी ही होती है जो बहुत कुछ खोकर भी मुस्कुराना जानता है...
"हमारे व्यवहार की छोटी छोटी बातें ही हमारे चरित्र का आईना होती है।"
प्रयास करना केवल हालात को कोसने से कहीं अच्छा है...।
इस धरा पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं जिस को समस्या न हो
एवं इस धरा पर ही कोई ऐसी समस्या नहीं जिसका कोई समाधान नहीं !
बस इतना दो प्रभू ...
कि जम़ीन पर बैठूँ तो
लोग उसे मेरा बडप्पन कहें,
औकात नही ........
जरूरी नही की हर समय जुबा पर भगवान् का नाम आये, वो लम्हा भी भक्ति का होता है जब इन्सान इन्सान के काम आये
जिंदगी का तजूर्बा तो नहीं
पर इतना मालूम है ,
छोटा आदमी बडे मौके पर
काम आ जाता है।
और
बड़ा आदमी छोटी सी बात पर
औकात दिखा जाता है !
स्वर्ग के लिए कोई टिफिन सेवा
शुरू नही हुई है
माता-पिता को जीते-जी ही
सारे सुख देना वास्तविक श्राद्ध है
यही सचा पित्रु कार्य हे
कोई नही देगा साथ तेरा यहॉं
हर कोई यहॉं 'खुद' ही में मशगुल है
जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है यहॉं,
तुझे गिरना भी 'खुद' है
और सम्हलना भी 'खुद' है.
एक सेब क्या गिरा और न्यूटन ने 'ग्रेविटी' की खोज कर ली..
यहाँ इंसान हर रोज गिरता जा रहा है और कोई "इंसानियत" नहीं खोज पा रहा है !!!
दोस्ती और दुश्मनी मजेदार हैं बस निभाने का दम होना चाहिए !!
इतना आसान नहीं है, जीवन का हर किरदार निभा पाना,
इंसान को बिखरना पड़ता है, रिश्तों को समेटने के लिए..
ऊँचा उठने के लिए पंखो की
ज़रुरत तो पंछियो को पड़ती है;
इंसान तो जितना नीचे झुकता हैं
उतना ही उपर जाता हैं
रुपया गिरा इस बात की परेशानी नहीं है,
जिनके पास रुपया है,
और
वो लोग लगातार गिरते जा रहे है,
ये बहुत बड़ी परेशानी है....!!
"अनदेखे धागों में यु बाँध गया कोई,
कि वो साथ भी नहीं और हम आज़ाद भी नहीं"
"व्यक्ति वह नहीं है जो चेहरे से दिखता है बल्कि व्यक्ति वह है जो सोच से दिखता है...!!!"
सुप्रभात...
मैं ज़िन्दगी गिरवी रख दूंगा तू क़ीमत बता मुस्कुराने की…
तेरी मौजूदगी की अब नहीं चाहत मुझे
मेरी यादों के पन्नों में बेहिसाब है तू...
यूँ तो.......
हैं परेशानियां ज़िन्दगी में बहोत सी पर...
तेरी मुहब्बत सा कोई तंग नहीं करता....
अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो,
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो,
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना !!
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो!!
"ख्वाहिश" ये बेशक नही
कि
"तारीफ" हर कोई करे...!
मगर
"कोशिश" ये जरूर है
कि
"कोई बुरा ना कहे"..!!
मैं आने वाले कल से नहीं डरता,
क्योंकि मैंने
बीता हुआ कल देखा हैं।...💕
मुझको क्या हक , मैं किसी को मतलबी कहूँ ।
मै खुद ही ख़ुदा को मुसीबत में याद करता हूं..
उनकी फ़ितरत है वो दर्द देने की रस्म अदा कर रहे हैं
हम उसूलों के पक्के दर्द सहकर भी वफ़ा कर रहे हैं..
मैं उठना चाहता हूं, दौड़ना चाहता हूं, गिरना भी चाहता हूं....बस रुकना नहीं चाहता.u
|| सुप्रभात ||
देखते हैं अब क्या मुकाम आता है साहेब,
सूखे पत्ते को इश्क़ हुआ है बहती हवा से....
मुस्कुराने से शुरू और रुलाने पे खतम...।
ये वो जुल्म हैं जिसे लोग मोहब्बत कहते हैं...!!
"लाखों की दौलत...हमें हौंसला नही दे सकती..!
जबकि..हौंसले से हम लाखों की दौलत कमा सकत..!!
कुछ इस तरह ' फ़कीर ' ने ज़िन्दगी की मिसाल दी,
मुट्ठी में धूल ली और हवा में उछाल दी !
काश कोई आईना ऐसा भी होता जो पीठ दिखा पाता ,
आखिर किसके कितने खंजर लगे ये तो जान पाता .
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है...
किसी की गलतियों को बेनक़ाब ना कर,
'ईश्वर' बैठा है, तू हिसाब ना कर...
कई जीत बाकी हैं, कई हार बाकी हैं..
अभी तो जिंदगी का सार बाकी है..
यहा से चले हैं नयी मज़िल के लिए, ये एक पन्ना था अभी तो किताब बाकी है.!
जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान,
मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।
जरूरी नही है,,,,,, नींद के लिए मखमल का बिछौना.......!!
दिल मे सूकून का होना भी जरूरी है.......!!
🏻शुभरात्री
अजब पहेलियाँ हैं मेरे हाथों की इन लकीरों में,
सफर तो लिखा है मगर मंज़िलों का निशान नहीं ।
कितना भी लिखो इसके लिये कम है...
सच है ये कि " माँ " आप हे, तो हम है...
निष्फलता के बाद हौसला रखना आसान है परन्तु सफलता के बाद नम्रता रखना उतना ही कठिन है।
ज्ञान तीन तरह से प्राप्त किया जा सकता है...
पहला मनन से जो सर्वश्रेष्ठ है
दूसरा अनुसरण से जो सबसे आसान है
तीसरा अनुभव से जो कि कड़वा है।
"लोग चाहते हैं कि आप बेहतर करें,
लेकिन ये भी सत्य है कि
वो कभी नहीं चाहते
कि आप उनसे बेहतर करें !!!"
तू अपने ग़रीब होने का दावा न कर, ऐ दोस्त,
हमने देखा है तुझे बाज़ार में "तुवेर दाल" खरीदते हुए.....!!!
धन, शक्ति और दक्षता केवल जीवन के साधन हैं खुद जीवन नहीं ।
जिस के होने से मैं खुद को मुक्कमल मानता हूँ
मेरे रब के बाद मैं बस मेरी माँ को जानता हूँ..
देने को दान,
लेने को ज्ञान,
और त्यागने को अभिमान श्रेष्ठ है.'
मैंने महसूस किया है,
उस जलते हुए रावण का दुःख ।
जो सामने खड़ी भीड़ से
बारबार पूछ रहा था.....
"तुम में से कोई राम है क्या?"
ज़िंदगी उसी को आज़माती है,
जो हर मोड़ पर चलना जानता है....!!
कुछ पाकर तो हर कोई मुस्कुराता है,
ज़िंदगी शायद उनकी ही होती है जो बहुत कुछ खोकर भी मुस्कुराना जानता है...
"हमारे व्यवहार की छोटी छोटी बातें ही हमारे चरित्र का आईना होती है।"
प्रयास करना केवल हालात को कोसने से कहीं अच्छा है...।
इस धरा पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं जिस को समस्या न हो
एवं इस धरा पर ही कोई ऐसी समस्या नहीं जिसका कोई समाधान नहीं !
बस इतना दो प्रभू ...
कि जम़ीन पर बैठूँ तो
लोग उसे मेरा बडप्पन कहें,
औकात नही ........
जरूरी नही की हर समय जुबा पर भगवान् का नाम आये, वो लम्हा भी भक्ति का होता है जब इन्सान इन्सान के काम आये
जिंदगी का तजूर्बा तो नहीं
पर इतना मालूम है ,
छोटा आदमी बडे मौके पर
काम आ जाता है।
और
बड़ा आदमी छोटी सी बात पर
औकात दिखा जाता है !
स्वर्ग के लिए कोई टिफिन सेवा
शुरू नही हुई है
माता-पिता को जीते-जी ही
सारे सुख देना वास्तविक श्राद्ध है
यही सचा पित्रु कार्य हे
कोई नही देगा साथ तेरा यहॉं
हर कोई यहॉं 'खुद' ही में मशगुल है
जिंदगी का बस एक ही ऊसुल है यहॉं,
तुझे गिरना भी 'खुद' है
और सम्हलना भी 'खुद' है.
एक सेब क्या गिरा और न्यूटन ने 'ग्रेविटी' की खोज कर ली..
यहाँ इंसान हर रोज गिरता जा रहा है और कोई "इंसानियत" नहीं खोज पा रहा है !!!
दोस्ती और दुश्मनी मजेदार हैं बस निभाने का दम होना चाहिए !!
इतना आसान नहीं है, जीवन का हर किरदार निभा पाना,
इंसान को बिखरना पड़ता है, रिश्तों को समेटने के लिए..
ऊँचा उठने के लिए पंखो की
ज़रुरत तो पंछियो को पड़ती है;
इंसान तो जितना नीचे झुकता हैं
उतना ही उपर जाता हैं
रुपया गिरा इस बात की परेशानी नहीं है,
जिनके पास रुपया है,
और
वो लोग लगातार गिरते जा रहे है,
ये बहुत बड़ी परेशानी है....!!
"अनदेखे धागों में यु बाँध गया कोई,
कि वो साथ भी नहीं और हम आज़ाद भी नहीं"
"व्यक्ति वह नहीं है जो चेहरे से दिखता है बल्कि व्यक्ति वह है जो सोच से दिखता है...!!!"
सुप्रभात...
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